ज़मीन गाइडलाइन में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में पेंड्रा में उग्र प्रदर्शन — मुख्यमंत्री का पुतला दहन सरकार तुगलकी फरमान वापस ले, अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन : गजमती भानू

ज़मीन गाइडलाइन में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में पेंड्रा में उग्र प्रदर्शन — मुख्यमंत्री का पुतला दहन
सरकार तुगलकी फरमान वापस ले, अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन : गजमती भानू
पेंड्रा। ज़मीन गाइडलाइन दरों में अचानक की गई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ आज पेंड्रा के दुर्गा चौक में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ। कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर राज्य सरकार के निर्णय को आम जनता विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। यह आंदोलन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे। मंच संचालन ओमप्रकाश बांका ने किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि गाइडलाइन दरों की असंगत वृद्धि किसानों, मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने सरकार को चेताया—
“यह तुगलकी फरमान तुरंत वापस लें, अन्यथा कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने बाध्य होगी।”पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने कहा कि गाइडलाइन बढ़ोतरी आम जनता पर सीधा आर्थिक हमला है।
अर्चना पोर्ते ने कहा कि यह नीति गरीब वर्ग को और कमजोर करेगी।
नारायण शर्मा ने इसे शोषण की नीति करार देते हुए कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज़ बनकर संघर्ष जारी रखेगी।
ममता पैकरा ने कहा कि जमीन खरीदना महिलाओं व गरीब परिवारों के लिए पहले ही कठिन था, अब लगभग असंभव हो जाएगा।
ममता पावले ने इसे सरकार का दिशाहीन कदम बताया।
इंटक की ओर से इदरीस अंसारी ने इसे मजदूर वर्ग और छोटे तबके को बर्बाद करने वाला आदेश बताया
पंकज तिवारी ने कहा—
“गाइडलाइन में भारी बढ़ोतरी जनता की रीढ़ तोड़ने वाला कदम है। यह फैसला ज़मीन खरीद-फरोख्त को ठप कर देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालेगा। कांग्रेस जनता के हक़ की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर लड़ाई जारी रखेगी।”रमेश साहू, राकेश मसीह, श्रीकांत मिश्रा, मनीष दुबे, निलेश साहू सहित अन्य वक्ताओं ने भी सरकार को जमकर घेरा और इस निर्णय को जनविरोधी बताया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से —जिला अध्यक्ष गजमती भानु, पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, पंकज तिवारी, ओमप्रकाश बांका, रमेश साहू, बजरंग महलवाला, अर्चना पोर्ते, शहीद राइन, मनीष दुबे, नीलेश साहू, राकेश मसीह, हरीश राय, नारायण शर्मा, श्रीकांत मिश्रा, शंकर कंवर, राजेश सोनी, ममता पैकरा, बाला कश्यप, इदरीस अंसारी, अरुण जायसवाल, तेज राजपूत, गणेश मार्को, संतोष वाकरे, सुन्दर सिंह, दादूराम सोनवानी, सरोधन ओट्टी, संतोष गौटिया, पवन केसरवानी, विनय चौबे, शैलेन्द्र यादव, संतोष ठाकुर, मदन सोनी, अमित सोनी, भारत, श्वेता मिश्रा, मंजू ठाकुर, ममता पावले, शहनाज़ बनो, शहनाज़ बेगम, शांति भानु, कुसुम बाई, मो. जमील, राजेश गुप्ता, रमेश कोल, अंसर जुन्जानी, अनुज ताम्रकार, शिवांश दुबे, आयुष सोनी, हसनैन, कलिराम माझी, शेरू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह निर्णय जनता के हितों के खिलाफ है और इसे वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।





